बांका:बौंसी के इसी गुरूधाम में आएंगे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी।  Kharhara Gaon

बांका:बौंसी के इसी गुरूधाम में आएंगे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी।

बांका के बौंसी स्थित योगनगरी वेद विद्यापीठ गुरुधाम में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आएंगे। इसकी आधिकारिक सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमा से लेकर गुरुधाम आश्रम से जुडे़ सदस्य हरकत में आ गए हैं।

योगनगरी वेद विद्यापीठ गुरुधाम में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आगमन की खबर होते ही प्रशासनिक महकमा से लेकर गुरुधाम आश्रम से जुडे़ सदस्य सक्रिय हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार 27 नवंबर को राष्ट्रपति श्यामाचरण विद्यापीठ गुरुधाम आएंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए गुरुधाम आश्रम से जुडे़ व गोड्डा सांसद निशिकांत दूबे ने बताया कि महामहिम के गुरुधाम आने की आधिकारिक घोषणा हो गई है। उन्होंने बताया कि महामहिम का गुरुधाम से जुड़ाव रहा है। Kharhara Gaon
गुरुधाम योगिराज आचार्य भूपेन्द्र नाथ सान्याल की तपस्थली रहा है इसलिए इस जगह का काफी महत्व है। उनके आगमन से बिहार सहित झारखंड वासी गौरवांवित होंगें। गुरुवार को बीडीओ अमर कुमार मिश्रा व सीओ संजीव कुमार ने राष्ट्रपति के आगमन को लेकर संभावित जगहों का मुआयना किया जहां पर कि हेलीकॉप्टर को उतारा जा सके। हालांकि अधिकारियों ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। गुरुधाम में कोई बड़ा फिल्ड नहीं रहने से हेलीपैड इसके आस-पास के मैदान पर उतारा जा सकता है। इसी को लेकर एसवीपी विद्याविहार स्कूल के मैदान व संस्कृत कॉलेज के हॉस्टल के पास का मैदान को देखा जा रहा है।Kharhara gaon
ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इन्हीं जगहों पर हेलीपैड बने। इसके बाद गुरुधाम जाकर भी अधिकारियों ने देखा। अंचल अमीन द्वारा हेलीकॉप्टर उतरने वाले संभावित जगहों का नक्शा बनवाया जा रहा है। वैसे तो गुरुधाम में हमेशा से देश-विदेश के लोगों के आना जाना रहा है लेकिन राष्ट्रपति के आने की खबर सुनकर गुरुधाम सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। 

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बांका पहुंचकर बोले मुख्यमंत्री, बालू  माफियाओं पर कार्रवाई न करने वाले अधिकारी होंगे बर्खास्त।

बांका पहुंचकर बोले मुख्यमंत्री, बालू  माफियाओं पर कार्रवाई 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खनन माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाने का खुले मंच से निर्देश दिया। बांका जिले के उच्च विद्यालय अमहारा में आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि बांका में हो रहे बालू के अवैध खनन की उन्हें भी जानकारी है। डीएम और एसपी इसे रोकें। चाहें कोई भी हो, कार्रवाई करें, वरना संबंधित अधिकारी पर ही कार्रवाई की जाएगी।
सीएम के भाषण के दौरान भीड़ में कुछ लोगों ने हाथ में तख्ती लेकर बालू के अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। यह देखकर सीएम ने डीएम और एसपी को पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रूम व जिले के कंट्रोल रूम के नंबर को सार्वजनिक करने का भी निर्देश दिया, ताकि आम लोग भी प्रशासन को सही समय पर सूचना दे सकें। उनका नाम गुप्त रखा जाएगा।

 


इसके पूर्व मुख्यमंत्री ने रजौन में 35 करोड़ की लागत से बने बांका जिले के पॉलीटेक्निक कॉलेज का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने मंच से रिमोट के जरिए 77 करोड़ की लागत से बांका जिले की डेढ़ लाख की आबादी के लिए हर घर नल से पेयजल की आपूर्ति की विभिन्न योजनाओं का भी शुभारंभ किया और 40 मिनट के संबोधन में अपने सात निश्चय को फिर से दोहराया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार के हर जिले में इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक कॉलेज होंगे। आज पढ़ाई के बिना कोई आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने सभी अभिभावकों से बेटे-बेटियों को पढ़ाने का आह्वान किया। कहा-जो पढ़ेगा, वही बढ़ेगा। उन्होंने अपने भाषण में पढ़ाई और शराबबंदी पर सबसे अधिक फोकस किया। शराबबंदी की चर्चा करते हुए कहा कि बिहार में शराबबंदी की चर्चा देश ही नहीं, विदेशों में भी हो रही है। बेटे-बेटियों को पढ़ाने और शराबबंदी में सहयोग मांगने पर भीड़ ने भी हाथ उठाकर समर्थन किया। इस मौके पर पीएचईडी मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, उद्योग सह विज्ञान प्रौद्यौगिकी मंत्री जय कुमार सिंह, राज्यसभा सांसद कहकशां परवीन, विधायक और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

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Bhagalpur से हवाई जहाज उड़ने का रास्ता साफ | Kharhara Gaon

Bhagalpur Airport से हवाई जहाज उड़ने का रास्ता साफ

स्मार्ट सिटी Bhagalpur Airport से हवाई जहाज के उड़ान भरने का रास्ता साफ हो गया है। जिला प्रशासन ने लैंडिंग चार्ज 75 हजार रुपये से घटाकर 9075 रुपये कर दिया है। इसके लिए पुलिस और दंडाधिकारी के शुल्क में भारी कटौती की गई है। अब इसे अनुमोदन के लिए वित्त विभाग भेजा जाएगा। यह निर्णय शुक्रवार को जिला स्तरीय पदाधिकारियों की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी आदेश तितरमारे ने की।

विमानन कंपनियों की मांग हुई पूरी
प्रशासन के इस निर्णय ने Bhagalpur Airport से उड़न भरने को इच्छुक विमानन कंपनियों की वर्षो पुरानी मांग पूरी हो गई। लिहाजा नए साल में कई कंपनियां यहां से उड़ान शुरू कर सकती हैं। यह भागलपुर और इसके आस-पास के जिलों के लोगों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है।
नागर विमानन मंत्रालय बनाएगा लाउंज
अगले वर्ष हवाई अड्डे में नागर विमानन मंत्रालय नया लाउंज बनवाएगा। मॉडल प्राक्कलन के अनुसार निर्माण कार्य की जिम्मेदारी भवन प्रमंडल की होगी। डीएम ने कहा कि हवाई अड्डे की सुरक्षा में बीएमपी का एक प्लाटून (30 जवान) स्थाई तौर पर तैनात रहेंगे। पूर्व में दो कंपनियों ने उड़ान सेवा शुरू करने का प्रस्ताव दिया था। अब ऐसी कंपनियों के लिए बेहतर अवसर है।
बैठक में नगर आयुक्त अवनीश कुमार सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार, सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार, भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता व अग्निशमन पदाधिकारी मौजूद थे।
निर्धारित शुल्क
पुलिस की तैनाती -1000 रुपये
दंडाधिकारी की तैनाती -1000
नगर निगम का खर्च- 6000 रुपये
अग्निशमन खर्च – 1000 रुपये
एम्बुलेंस खर्च – 0075 रुपये
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कोट :-
विभिन्न संगठनों ने समय-समय पर लैंडिंग चार्ज कम करने की मांग की थी। इसके लिए वित्त विभाग से बात हुई है। लैंडिंग चार्ज कम करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा।
– आदेश तितरमारे, डीएम, भागलपुर।

 

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Jasne eid miladun nabi 2016 | Kharhara Gaon

Kharhara Gaon Jasne Eid Miladun Nabi 2016

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History

Milad un-Nabi celebrates the birth of Muhammad, the central prophet of Islam. According to historical texts, Muhammad was born in 570 CE in Saudi Arabia. Most scholars of Islam have determined that Muhammad was born on the 12th day of the third month of the Islamic calendar. During his life, Muhammad founded Islam and formed what is now Saudi Arabia as a single kingdom that was devoted to serving God. After Muhammad died in 632 CE, many Muslims began to celebrate his life and his teachings with various informal holidays.

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Despite these various celebratory traditions, the birthday of the Prophet Muhammad was not widely celebrated until Fatima established Milad un-Nabi in Egypt. On the first official celebration of Muhammad’s birthday, Muslims and Islamic scholars gathered at Mosques to pay their respects. Religious sermons and discussions were among some the ways that Muslims honoured Muhammad on the first Milad un-Nabi holiday.

Kharhara jasne Eid Miladun Nabi

After the first Milad un-Nabi celebrations in Egypt, the holiday became common in Islamic communities across the world.

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